फाइलेरिया के मरीजों को घरेलू रोग प्रबंधन के लिए दिया गया प्रशिक्षण
बेमेतरा। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में हाथी पांव यानी फाइलेरिया की बीमारी से ग्रसित मरीजों को घरेलू रोग प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ में फाइलेरिया के 7 मरीजों को प्रशिक्षण के दौरान किट भी प्रदान की गयी।
इस बारे में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण जिला नोडल अधिकारी डॉ. ज्योति जसाठी ने बताया पानी जमाव होने के कारण मच्छर पैदा होते हैं जिससे फाइलेरिया जैसी बीमारी फैलाने वाले मच्छर पनपते है। डेंगू एवं मलेरिया भी मच्छरों के कारण ही होता है। डॉ. जसाठी ने बताया, सुबह व शाम फाइलेरिया प्रभावित मरीज शरीर के अंगों की नार्मल पानी से साबुन लगाकर नियमित साफ-सफाई करनी चाहिए। साथ ही साथ चिकित्सक द्वारा बताए गए व्यायाम विधि को अपनाने से सूजन नहीं बढ़ता। लगातार व्यायाम करने से सामान्य जीवन व्यतीत करने में सहायता मिलता है।
डॉ. ज्योति जसाठी ने बताया तालाब व पानी जमा होने वाले स्थानों में पनपने वाले मच्छरों के कारण फाइलेरिया रोग फैलता है। फाइलेरिया की रोकथाम व ग्रामीण क्षेत्रों में बचाव के लिए जागरूकता जैसे कार्यक्रम किए जा रहे हैं। फाइलेरिया रोकथाम का जायजा लेने नवागढ सीएचसी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिजनल डायरेक्टर डॉ. लीना बंदोपाध्याय व डॉ एसए शरीफ कल पहुंचे हुए थे। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के डीएचओ डॉ प्रदीप कुमार, जिला नोडल अधिकारी डॉ ज्योति जसाठी, डीपीएम अनुपमा तिवारी, आरएमएनसीएच शोभिका गजपाल, वीबीडी सुपरवाइजर गुलाब सिंह साहू , बीएमओ डॉ आशिष वर्मा, बीपीएम भी मौजूद रहे।

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